बुलंदशहर स्याना हिंसा के आरोपी जिला पंचायत सदस्य ने कोर्ट में किया सरेंडर


बुलंदशहर,(उत्तर प्रदेश)। बुलंदशहर में हुई हिंसा के मुख्य आरोपी योगेश राज ने शुक्रवार को कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने उसकी जमानत याचिका रद्द करते हुए सात दिन में सरेंडर करने का आदेश दिया था। कोर्ट ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
बुलंदशहर में 3 दिसंबर 2018 को गोकशी को लेकर आगजनी और बवाल हुआ था। बवाल के दौरान तत्कालीन कोतवाली इंस्पेक्टर सुबोध कुमार की गोली लगने से मौत हो गई थी, जबकि सुमित नाम के युवक की भी जान चली गई थी। पुलिस ने इस मामले में 34 नामजद और 60 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। इस मामले में मुख्य आरोपी समेत 40 की कोर्ट से जमानत हो गई थी। जिसमें योगेश राज भी शामिल था।
शहीद हुए इंस्पेक्टर सुबोध कुमार की पत्नी ने सुप्रीम कोर्ट में आरोपी योगेश राज की जमानत को रद्द करने की याचिका डाली थी। जिसका सुप्रीम कोर्ट ने संज्ञान लेते हुए आरोपी योगेश राज की जमानत रद्द करते हुए 7 दिन में कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया था। शुक्रवार को आरोपी योगेश राज ने बुलंदशहर कोर्ट में सरेंडर कर दिया और कोर्ट ने आरोपी को जेल भेज दिया।
9 महीने की जेल काटने के बाद योगेश राज जेल से बाहर आया था और उसके बाद वह जिला पंचायत सदस्य वार्ड नंबर-5 से चुनाव लड़ा और जीत गया। उसके बाद वह विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटा था। इस मामले में अब तक शहीद इस्पेक्टर सुबोध कुमार, आरोपी सुमित सहित एक सिपाही और एक गवाह समेत 4 आरोपियों की हादसे और बीमारी के चलते मौत हो चुकी है।
उधर इस मामले में शहीद हुए इंस्पेक्टर सुबोध कुमार के बेटे ने फोन पर बात करते हुए बताया कि मैं केवल यह चाहता हूं, जल्द से जल्द लोअर कोर्ट में केस की सुनवाई चालू हो जाए और हमें इस पूरे मामले में न्याय मिलना चाहिए, नहीं तो ऐसे ही आरोपी खुले घूमते रहेंगे, हमें सुप्रीम कोर्ट से न्याय चाहिए।

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